सैदपुर। तहसील से आरसी कटने और बिजली बिल के बकाया वसूली के कथित दबाव के बीच कथित रूप से विषाक्त पदार्थ खाकर जान देने वाले पान दुकानदार सुरेंद्र कश्यप के घर मंगलवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला पहुंचे।
उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि जिस जिम्मेदार कर्मचारी या अधिकारी ने इनका व परिवार के उत्पीड़न का प्रयास किया है, उन पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
घटना के दूसरे दिन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया और क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी के साथ मृतक के घर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है तथा हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का भी आश्वासन दिया।
बताते चलें कि सैदपुर सीएचसी के पीछे निवासी 50 वर्षीय पान दुकानदार सुरेंद्र कश्यप ने सोमवार को कथित रूप से सल्फास का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उपचार के लिए सीएचसी ले जाने पर उनकी मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्रवाई, बकाया राशि के नोटिस और आरसी कटने के बाद वसूली के दबाव के चलते वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि उन पर मानसिक रूप से बेहद दबाव डाला गया। उन्होंने छोटी किश्तों में कुछ रुपया जमा भी किया था।
उधर मृतक के पास से दो लाइन का हस्तलिखित नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने बिजली विभाग के कारण यह कदम उठाने की बात लिखी थी। हालांकि मामले की वास्तविक स्थिति और मौत के कारणों की पुष्टि प्रशासनिक व पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद डीएम को अपने घर पर देख मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी, पिता का सहयोग करने वाले पुत्र सूरज व दोनों बेटियां रो पड़ीं। उन्होंने रोते हुए बताया कि दो लोग उनके घर आते थे, हालांकि डीएम के पूछने पर वो उन दोनों का नाम नहीं बता सकी। लेकिन कहा कि वो उन्हें पहचानती हैं। जिस पर डीएम ने उन्हें ढाढस बंधाया। कहा कि वो उनके साथ खड़े हैं। भरोसा दिया कि उत्पीड़न करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर परिवार की आजीविका का मुख्य आधार होने के कारण सुरेंद्र की मौत के बाद परिजनों पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।
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